हमारे आसान लोन प्रोसेस और फास्ट अप्रूवल के साथ अपने सपनों का घर खरीदें।
हमारे लैंड परचेज़ और कंस्ट्रक्शन लोन के साथ अपने सपनों का घर बनाएं।
अपने व्यापार को दें एक नयी उड़ान, आवास के एमएसएमई लोन के साथ
अपने किसी भी बड़े खर्च की ज़रूरत को पूरा करने के लिए प्रॉपर्टी पर आवास फास्ट लोन पाएं।
हमारे होम रेनोवेशन एंड इम्प्रूवमेंट लोन के साथ अपने घर को दें एक नया रूप
स्माल टिकट साइज (एसटीएस) लोन
आवास लोन मोबाइल ऐप होम लोन से संबंधित कई तरह की सेवाएं प्रदान करता है। आवास लोन ऐप उपयोग में आसान और सुविधाजनक है। ऐप मौजूदा ग्राहकों के साथ-साथ नए ग्राहकों के लिए कई सेवाएं प्रदान करता है।
आवास लोन मोबाइल ऐप होम लोन से संबंधित कई तरह की सेवाएं प्रदान करता है। आवास लोन ऐप उपयोग में आसान और सुविधाजनक है। ऐप मौजूदा ग्राहकों के साथ-साथ नए ग्राहकों के लिए कई सेवाएं प्रदान करता है।

आवास फायनेंसियर्स लिमिटेड को 23 फरवरी, 2011 को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत जयपुर, राजस्थान में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में शामिल किया गया था। इसने औपचारिक रूप से मार्च 2012 में अपना परिचालन शुरू किया।
जनवरी, 2013 में कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड से पब्लिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित कर दिया गया। मार्च 2017 में, 29 मार्च 2017 के एक नए सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन (CIO) द्वारा कंपनी का नाम बदलकर "आवास फायनेंसियर्स लिमिटेड" कर दिया गया। अक्टूबर 2018 में, कंपनी बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर सूचीबद्ध हुई।
आवास होम लोन देने वाली एक कंपनी है, जिसका मुख्य उद्देश्य रूप से ऐसी जगहों पर है जहाँ अभी तक सेवाएँ पहुँची नहीं है या कम पहुँची हैं और इनमें राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा, कर्नाटक और तमिल नाडु आदि राज्य शामिल हैं।
वर्तमान में, हम कुल 438 शाखाओं के साथ 15 राज्यों में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं|
पूरा पढें
आप अपना आयकर प्रमाणपत्र निम्न माध्यमों से प्राप्त कर सकते हैं:
आवास लोन एप्प द्वारा
हमारे हेल्पलाइन नंबर - 1800-20-888-20 / 0141-661-8888 पर संपर्क करके
कस्टमर केयर ईमेल आईडी: customercare[at]aavas.in द्वारा
एवम हमारी निकटतम शाखा में जाकर
आप अपना विवरण निम्न माध्यमों से अपडेट कर सकते हैं:
- हमारी निकटतम शाखा में जाकर
- हमारे टोल फ्री नंबर पर संपर्क करके: 1800-20-888-20
जिस संपत्ति के संबंध में ऋण लिया गया है उसे सुरक्षा के रूप में प्रदान किया जाना चाहिए। ऐसी जमानत उक्त संपत्ति के मूल हक के दस्तावेज जमा कराकर सृजित की जाएगी।